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लॉकडाउन के दौरान आंगनबाड़ी के बच्चों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार एवं UNICEF की पहल ‘चकमक’

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PC : @Chakmak Abhiyan

छत्तीसगढ़ के महिला एवं बाल विकास विभाग ने संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) के साथ मिलकर राज्य के आंगनबाड़ी के बच्चों के रचनात्मक एवं समग्र विकास के लिए ‘चकमक’ एवं ‘सजग’ अभियान की शुरुआत की है। इन दोनों अभियानों का आज राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उद्धघाटन किया गया।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से भारत में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन जारी है। इसी वजह से देश भर के आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद हैं । ऐसे वक्त में जब आंगनबाड़ी से जुड़े बच्चे घरों तक ही सीमित रह गये हैं, वह अब चकमक अभियान के तहत घर पर ही रहते हुए अपने माता-पिता एवं परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ मिलकर रचनात्मक कार्य कर सकते हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मुताबिक, इससे एक तो बच्चों के समय का सही सदुपयोग होगा साथ ही इस चुनौति भरे समय में उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर रहेगा।

इस अभियान के तहत आज पहला कार्य जो बच्चों को दिया गया वह था अपनी आवाज में गाना रिकॉर्ड कर वीडियो या ऑडियो फॉर्मैट में भेजना। बच्चे अपनी रिकॉर्डिंग अपने अभिभावकों की मदद से सोशल मीडिया मंच फेसबुक पर @chakmak Abhiyan पर एवं व्हॉट्स एप नम्बर8595138858 पर भेज सकते हैं।

मुख्यमंत्री द्वारा आज चकमक के साथ ही सजग अभियान का भी उद्घाटन किया गया। इस अभियान के तहत बच्चों के स्वास्थ्य पोषण एवं समग्र विकास पर धयान दिया जाएगा। इसके लिए सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मोबाइल फोन पर निर्देश एवं सुझाव दिये जाएंगे कि कैसे वह विभिन्न गतिविधियों के जरिये बच्चों के चहुंतरफा विकास में सहयोग कर सकेंगी।

इस अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री के साथ महिला बाल विकास मंत्री, अनिला भेंड़िया एवं महिला बाल विकास विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी मौजूद थे। UNICEF की भारत की प्रमुख यास्मिन अली हक भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये इस दौरान मौजूद रहीं।

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